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जीएसटी परिषद बैठक: उद्योग चाहता है आसान रिफंड और कम नोटिस
जीएसटी परिषद की आने वाली बैठक में व्यावसायिक क्षेत्र अगले सुधार चरण में फंसे हुए क्रेडिट को मुक्त करने, दोहराए जाने वाली जांच को कम करने और अनुपालन को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की मांग कर रहा है।
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भारतीय उद्योग जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद से इनपुट टैक्स क्रेडिट की प्रक्रिया को सुगम बनाने की अपेक्षा कर रहा है। कारोबारी क्षेत्र का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में अक्सर क्रेडिट लंबित रह जाता है, जिससे कार्यशील पूंजी पर दबाव पड़ता है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया है कि जीएसटी अनुपालन प्रक्रिया को और भी सरल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बार-बार जांच और सूचनाओं की संख्या में कमी की मांग की है, जिससे कंपनियों को अपने नियमित कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिले।
जीएसटी के कार्यान्वयन के बाद से छोटे और मझोले उद्यमों को विशेष रूप से क्रेडिट निपटान में देरी का सामना करना पड़ रहा है। व्यावसायिक संगठन मानते हैं कि इन मुद्दों का समाधान आर्थिक विकास को तेज करने में सहायक हो सकता है।
जीएसटी परिषद के समक्ष रखी गई इन मांगों को आने वाली बैठक में प्रमुखता से विचार किए जाने की संभावना है। नीति निर्माता इन सुधारों से कर व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और व्यवसाय-अनुकूल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।