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एक किताब, सभी के लिए: ऑडियो, ब्रेल और सांकेतिक भाषा एक साथ

भारत में एक नई पहल विविध शिक्षार्थियों के लिए पाठ्यपुस्तकों को सुलभ बना रही है। 'किताब एक, पढ़े अनेक' परियोजना एक ही पुस्तक में ऑडियो, ब्रेल, भारतीय सांकेतिक भाषा और अन्य सहायक माध्यम शामिल करती है।

LSN India · 23 August 2026

शिक्षा को सभी के लिए समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, 'किताब एक, पढ़े अनेक' (केईपीए) परियोजना एकल पाठ्यपुस्तक में कई संवेदी और भाषागत तरीके शामिल कर रही है। यह नवीन पद्धति दृष्टिबाधित, बधिर और अन्य विकलांग छात्रों के साथ ही सामान्य छात्रों की शिक्षा में भी सुधार ला रही है।

केईपीए के अंतर्गत विकसित पाठ्यपुस्तकें मुद्रित पाठ, ऑडियो रिकॉर्डिंग, ब्रेल लिपि, भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल), स्पर्शनीय चित्र और दृश्य संकेतों को एकीकृत करती हैं। यह बहुआयामी दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि विभिन्न प्रकार की विकलांगताओं वाले शिक्षार्थी समान शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच सकें।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी समावेशी पाठ्यपुस्तकें न केवल विकलांग छात्रों को लाभान्वित करती हैं, बल्कि सभी शिक्षार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाती हैं। बहुसंवेदी सामग्री का उपयोग अनुभूति को गहरा करता है और विविध शिक्षण शैलियों के अनुकूल होता है।

भारत में शिक्षा तक पहुंच को लेकर कई चुनौतियां बनी रहती हैं, खासकर विकलांग बच्चों के लिए। केईपीए जैसी पहलें इस दिशा में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक हैं और समान शिक्षा के अधिकार को व्यवहार में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।