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इस्पात और बिटुमिन की बढ़ती कीमतें FY27 में निर्माण उपकरण वृद्धि को धीमा कर सकती हैं
भारतीय निर्माण उपकरण उद्योग को इस वित्त वर्ष में कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ये कारक वृद्धि दर को दहाई अंकों से घटाकर एकल अंक तक ले जाएंगे।
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भारतीय निर्माण उपकरण निर्माताओं के संघ के उपाध्यक्ष शलभ चतुर्वेदी ने कहा है कि इस्पात और बिटुमिन की बढ़ती कीमतें, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में चुनौतियां वर्तमान वित्त वर्ष में निर्माण उपकरण उद्योग की वृद्धि को मंद कर सकती हैं। चतुर्वेदी केस कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के भारत और सार्क क्षेत्र के प्रबंधक निदेशक भी हैं।
वित्त वर्ष की शुरुआत में उद्योग को मजबूत वृद्धि की उम्मीद थी, किंतु इसके बाद के घटनाक्रमों ने अधिक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने को आवश्यक बना दिया है। चतुर्वेदी ने कहा कि वर्ष की शुरुआत में दहाई अंकों की वृद्धि की प्रत्याशा थी, परंतु बाद की परिस्थितियों को देखते हुए उद्योग अब एकल अंक की मध्यम वृद्धि की ओर देख रहा है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष आगे बढ़ने के साथ ही निवेश लागत में वृद्धि एक महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में उभरी है। पश्चिम एशिया में विकास से आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान आया है और कीमतों में दबाव बढ़ा है। इन कारकों के बावजूद, चतुर्वेदी ने जोर दिया कि उद्योग अभी भी वृद्धि के पथ पर है, भले ही वह आशा से कम हो।