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आवासीय संपत्ति में संस्थागत निवेश में 39% की गिरावट
कोलियर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में आवासीय क्षेत्र में संस्थागत निवेश इस साल की पहली नौ महीनों में 39 प्रतिशत गिरकर 695 मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया है। रियल एस्टेट कंपनियां आंतरिक संसाधनों के माध्यम से परियोजनाओं को वित्त पोषित करना पसंद कर रही हैं।
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रियल एस्टेट परामर्श संस्था कोलियर्स इंडिया ने शुक्रवार को भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र के विभिन्न खंडों में संस्थागत निवेश संबंधी आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से सितंबर की अवधि में आवासीय संपत्तियों में संस्थागत निवेश पिछले साल की समान अवधि में 1,139.7 मिलियन डॉलर से घटकर 694.5 मिलियन डॉलर रह गया है।
हालांकि, कार्यालय संपत्तियों में विनिवेश ने मजबूत वृद्धि दिखाई है। इसी अवधि में कार्यालय क्षेत्र में निवेश 1,482.7 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2,169.3 मिलियन डॉलर हो गया है, जो 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्कों में भी सकारात्मक प्रवृत्ति देखी गई है। इस क्षेत्र में निवेश 324.7 मिलियन डॉलर से बढ़कर 371.9 मिलियन डॉलर हुआ है, जो 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वहीं, खुदरा रियल एस्टेट यानी शॉपिंग मॉलों में निवेश में भारी गिरावट आई है। यह खंड 380 मिलियन डॉलर से घटकर 85.2 मिलियन डॉलर रह गया है, जो 78 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
मिश्रित उपयोग परियोजनाओं में निवेश की सकारात्मक प्रवृत्ति जारी है, जहां 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश के पैटर्न में यह बदलाव भारत की रियल एस्टेट बाजार की गतिशीलता को प्रतिबिंबित करता है।