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वैश्विक बीमा कंपनियां कवरेज दें तो मेडिकल पर्यटन में आएगा उछाल
अगर अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियां विदेशी मरीजों के इलाज का खर्च वहन करना शुरू करें तो भारत में मेडिकल पर्यटन में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। अपोलो हॉस्पिटल्स के एक शीर्ष अधिकारी का यह मानना है।
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भारत में मेडिकल पर्यटन का दायरा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियां विदेशी रोगियों के इलाज के खर्च को कवर करने के लिए तैयार हों या नहीं। यह बात अपोलो हॉस्पिटल्स की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी ने कही है। बैंकॉक में आयोजित गारमिन हेल्थ समिट के दौरान रेड्डी ने कहा कि जब वैश्विक बीमा कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीमा कवरेज को सक्षम करेंगी, तो इससे रोगियों को काफी खर्च बचाने में मदद मिलेगी।
रेड्डी के अनुसार अपोलो हॉस्पिटल्स ने सरकार से आग्रह किया है कि वह बीमा कंपनियों के साथ काम करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करे। उन्होंने कहा कि यदि ये कंपनियां भारत में इलाज को कवर करने लगें तो पश्चिमी देशों से बड़ी संख्या में लोग भारत आ सकते हैं। रेड्डी ने यह भी कहा कि भारत में पहले से ही बड़ी संख्या में अनिवासी भारतीय आते हैं और सभी पक्षों के लिए यह एक जीत की स्थिति है।
वैश्विक आंकड़ों के अनुसार मेडिकल पर्यटन का बाजार 2022 में करीब 115.6 अरब डॉलर था और 2030 तक यह 286.1 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस तेजी से बढ़ते बाजार में भारत अपनी अहम स्थिति बनाए हुए है और मेडिकल पर्यटन के क्षेत्र में एक प्रमुख गंतव्य बन गया है।