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बीमा वितरण सुधार से अगले साल वृद्धि दर पर असर पड़ सकता है: आईसीआरए

आईसीआरए का अनुमान है कि प्रस्तावित कमीशन सीमा और व्यय नियमों का प्रभाव वित्त वर्ष 2028 में स्पष्ट दिखाई देगा। स्वास्थ्य और जीवन बीमा कंपनियों तथा छोटे खिलाड़ियों को अधिक दबाव का सामना करना पड़ेगा।

LSN India · 8 October 2026

बीमा वितरण सुधार से अगले साल वृद्धि दर पर असर पड़ सकता है: आईसीआरए

भारतीय रेटिंग एजेंसी आईसीआरए का मानना है कि बीमा वितरण क्षेत्र में आने वाले सुधारों से आगामी वित्त वर्ष में देश की बीमा क्षेत्र की वृद्धि दर प्रभावित हो सकती है। एजेंसी के अनुसार, नियामकीय निकाय द्वारा प्रस्तावित कमीशन पर सीमा और परिचालन व्यय से जुड़े नियम बीमा कंपनियों के कारोबार पर दबाव डालेंगे।

आईसीआरए की रिपोर्ट में कहा गया है कि जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र इन सुधारों से सर्वाधिक प्रभावित होंगे। विशेषकर छोटी और मध्यम आकार की बीमा कंपनियों को इन नए नियमों के अनुपालन में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ये कंपनियां मुनाफे की दृष्टि से अधिक संवेदनशील हैं क्योंकि उनके पास बड़ी कंपनियों जैसी विविधता और आर्थिक क्षमता नहीं है।

एजेंसी का मानना है कि वित्त वर्ष 2027-28 में इन सुधारों के प्रभाव अधिक स्पष्ट होंगे जब कंपनियों को इन नए मानदंडों के तहत पूरी तरह से काम करना होगा। कमीशन में कटौती से बीमा एजेंटों की आय में भी कमी आ सकती है, जिससे बीमा उत्पादों की बिक्री में गिरावट का खतरा है।

इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि ये सुधार दीर्घकालीन दृष्टि से बीमा बाजार को अधिक स्थिर और पारदर्शी बना सकते हैं। हालांकि, अल्पकालीन में ये बदलाव बीमा कंपनियों की लाभप्रदता को प्रभावित करेंगे और सेक्टर की वृद्धि में कमी ला सकते हैं।