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इंटेल के प्रोग्राम मैनेजर ने PhD के बाद MBA में लिया दाख़िला, सीखने की यात्रा जारी
इंटेल के ग्लोबल प्रोग्राम मैनेजर मिहिरकांत उपाध्याय ने कंप्यूटर इंजीनियरिंग, फिजिक्स और नैनोसाइंस में उच्च योग्यताएं हासिल करने के बाद भी 41 वर्ष की उम्र में MBA करने का फैसला किया है। यह निर्णय कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में निरंतर सीखने की महत्ता को रेखांकित करता है।
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इंटेल में वैश्विक कार्यक्रम प्रबंधक के रूप में कार्यरत मिहिरकांत उपाध्याय की शैक्षणिक यात्रा असाधारण है। उनके पास कंप्यूटर इंजीनियरिंग में स्नातक शिक्षा के साथ-साथ फिजिक्स, नैनोसाइंस और मैटेरियल्स साइंस में दो मास्टर डिग्री हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने इन विषयों में पीएचडी भी पूरी की है।
उपाध्याय का यह असामान्य कदम वाशिंगटन विश्वविद्यालय से एक हाइब्रिड MBA प्रोग्राम में प्रवेश लेकर पूरा हुआ। इस निर्णय के पीछे उनका उद्देश्य प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक प्रबंधन के बीच की खाई को पाटना और अपने कौशल को और अधिक व्यावहारिक बनाना है।
टेक उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल परिवर्तन के इस दौर में अधिकाधिक पेशेवरों के बीच दिखाई दे रहा है। तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावसायिक सूझबूझ का संयोजन आज के बदलते कॉर्पोरेट परिदृश्य में महत्वपूर्ण हो गया है।
उपाध्याय का यह कदम इस संदेश को प्रतिध्वनित करता है कि शिक्षा एक निरंतर प्रक्रिया है और पेशेवर विकास के लिए नई दक्षताएं सीखने की आवश्यकता कभी समाप्त नहीं होती। प्रौद्योगिकी जगत में तीव्र गति से आ रहे बदलावों के साथ तालमेल रखने के लिए सीखने की मानसिकता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है।