Politics · India Bureau
बच्चों को इंटरनेट का अधिकार है, पूर्ण प्रतिबंध अनुचित: सुप्रीम कोर्ट
भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बच्चों को इंटरनेट तक पहुंच का मौलिक अधिकार है। अदालत ने बाल यौन शोषण सामग्री को हटाने के उपायों की जांच के दौरान यह मत व्यक्त किया।
LSN India ·

भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि इंटरनेट तक पहुंच आजकल बच्चों का एक मौलिक अधिकार है। अदालत ने कहा कि इस अधिकार पर पूर्ण रोक लगाना अनुचित और असंगत है।
यह टिप्पणी तब आई जब न्यायालय बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री (सीएसईएएम) को इंटरनेट से पहचान कर हटाने के उपायों की जांच कर रहा था। अदालत ने ऑनलाइन बाल सुरक्षा को सुनिश्चित करने और साथ ही बच्चों के डिजिटल अधिकारों की रक्षा करने के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अदालत का यह रुख इस बात को दर्शाता है कि बाल यौन शोषण सामग्री से निपटने के लिए बनाई गई नीतियां बेहद सावधानीपूर्वक तैयार की जानी चाहिए ताकि वे लाखों बच्चों को अनावश्यक रूप से इंटरनेट से वंचित न कर दें।
इंटरनेट का दुरुपयोग करने वाले तत्वों पर नियंत्रण और बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करने के बीच सामंजस्य स्थापित करना राष्ट्रीय नीति निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।