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कीट नियंत्रण के लिए लाए गए पक्षी खुद बन गए संकट

कुक द्वीप समूह में 1915 में नारियल की कीटों पर नियंत्रण के लिए लाई गई मैना प्रजाति तेजी से प्रजनन करने लगी। ये पक्षी अब स्वयं प्रमुख समस्या बन गए हैं।

LSN India · 5 October 2026

कीट नियंत्रण के लिए लाए गए पक्षी खुद बन गए संकट

कुक द्वीप समूह में एक सदी पहले का एक संरक्षण प्रयास अब पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बड़ी समस्या बन गया है। 1915 में नारियल के बागानों में कीटों की समस्या से निपटने के लिए सामान्य मैना पक्षियों को इन द्वीपों पर लाया गया था। तब तक यह कदम समझदारीपूर्ण लगता था, लेकिन परिणाम विनाशकारी साबित हुए।

इन पक्षियों की जनसंख्या बेहद तेजी से बढ़ने लगी। मैना स्थानीय वन्यजीव के इलाकों में घुसने लगे और कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचाने लगे। देशी पक्षी प्रजातियां इन आक्रामक पक्षियों के कारण अपने प्राकृतिक आवास से विस्थापित होने लगीं। पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ने लगा।

द्वीप समूह की सरकार को इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने पड़े। अतिउ द्वीप में बढ़ती मैना जनसंख्या को रोकने के लिए एक इनाम कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस घटना से जैव विविधता के क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण सबक मिलता है।

यह मामला दर्शाता है कि नई प्रजातियों को कमजोर पारिस्थितिकी तंत्र में पेश करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। अच्छे इरादे भी अप्रत्याशित और दीर्घकालीन नुकसान का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हस्तक्षेपों से पहले गहन अध्ययन आवश्यक है।