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ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को 'आर्थिक युद्ध' बताया
ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए इसे 'क्लासिक औपनिवेशिकता' करार दिया है। यह टिप्पणी अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के बयान के बाद आई है, जिन्होंने कहा था कि वाशिंगटन ईरान के खिलाफ 'इतिहास के सबसे कठोर प्रतिबंध' लागू करने की तैयारी कर रहा है।
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तेहरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा घोषित प्रतिबंधों को आर्थिक युद्ध का एक रूप बताया है। ईरान की ओर से जारी बयान में इन कदमों को 'क्लासिक औपनिवेशिकता' के समकक्ष माना गया है और आरोप लगाया गया है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रहा है।
यह प्रतिक्रिया अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के प्रमुख स्कॉट बेसेंट की हालिया घोषणा के बाद आई है। बेसेंट ने कहा था कि वाशिंगटन ईरान के विरुद्ध 'इतिहास के सबसे कठोर प्रतिबंध' लागू करने की तैयारी में है। उन्होंने इस कदम को ईरान की परमाणु और क्षेत्रीय गतिविधियों के संदर्भ में न्यायसंगत ठहराया था।
ईरान-अमेरिका संबंध पिछले कुछ वर्षों से तनावपूर्ण रहे हैं। 2015 में हस्ताक्षरित परमाणु समझौते (जेसीपीओए) से अमेरिका के 2018 में अलग होने के बाद से दोनों देशों के बीच शत्रुता बढ़ी है। तेहरान ने लगातार यह आरोप लगाया है कि अमेरिकी प्रतिबंध इसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
ईरान के अधिकारियों का तर्क है कि ये प्रतिबंध न केवल उसके लिए बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी हानिकारक हैं। ईरान ने कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत अपने अधिकारों की रक्षा करना जारी रखेगा।