World · India Bureau
छह महीने के संघर्ष के बाद भी ईरान अडिग, राष्ट्रपति का दावा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि अमेरिकी दबाव और हमलों के बावजूद उनका देश कमजोर नहीं पड़ा। उन्होंने जोर देकर बताया कि ईरान की मजबूत स्थिति अमेरिकी प्रत्याशाओं को विफल कर दी है।
LSN India ·

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका के साथ छह महीने की कड़ी जंग के बाद भी ईरान अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने में सफल रहा है। राष्ट्रपति ने एक विशेष साक्षात्कार में अपने देश की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन की यह मंशा थी कि सैन्य हमलों और देश के शीर्ष नेतृत्व की हत्याओं के बाद ईरान की क्षमता में कमी आएगी और देश कमजोर पड़ जाएगा। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत साबित हुई है।
राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान न केवल बाहरी दबाव का मुकाबला करने में सक्षम रहा है, बल्कि अपनी सैन्य और राजनीतिक क्षमता को बनाए रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा जारी रखे हुए है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बावजूद ईरान अपने सिद्धांतों से विचलित नहीं हुआ है।
यह टिप्पणी एक ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और ईरान तथा अमेरिका के बीच मतभेद जारी हैं। पेजेश्कियान की बातों से साफ है कि तेहरान अपनी क्षेत्रीय भूमिका में कोई बदलाव करने के लिए तैयार नहीं है।