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अमेरिका और इजराइल के दबाव से ईरान परमाणु संधि से बाहर निकल सकता है
ईरान के शीर्ष अधिकारी मोहम्मद रेजाई ने कहा है कि यदि अमेरिका और इजराइल का दबाव जारी रहता है तो तेहरान अपनी स्थिति पर फिर से विचार करने के लिए बाध्य हो सकता है। फिलहाल ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) से बाहर निकलने का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
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तेहरान के एक प्रभावशाली अधिकारी रेजाई ने बुधवार को कहा कि पश्चिमी दबाव और सैन्य खतरे की स्थिति में ईरान अपनी परमाणु नीति में बदलाव कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई अंतिम निर्णय नहीं है, लेकिन परिस्थितियां ऐसी हो सकती हैं जो तेहरान को अपनी वर्तमान प्रतिबद्धताओं को पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करें।
रेजाई का बयान अमेरिका और इजराइल की ओर से बढ़ते दबाव के बीच आया है। ईरान 2015 में परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद से अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण व्यवस्था के अधीन रहा है, हालांकि तनाव की स्थिति में इसके रुख में बदलाव हो सकता है।
ईरान ने अपनी परमाणु गतिविधियों पर अंतर्राष्ट्रीय निगरानी स्वीकार की है, लेकिन इसके अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि अत्यधिक दबाव और सैन्य खतरे की स्थिति में यह अपनी नीति बदल सकता है। रेजाई का बयान इसी चेतावनी को दोहराता है।
अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान परमाणु संधि से बाहर निकलने का कदम काफी गंभीर परिणाम दे सकता है और क्षेत्र में तनाव को और भी बढ़ा सकता है। फिलहाल तेहरान अपनी सभी बातचीत के दरवाजे खुले रखने की कोशिश जारी रखे हुए है।