World · India Bureau
हाइपरसोनिक मिसाइलों की दौड़ में चीन आगे, ईरान भी शक्तिशाली हथियार से लैस
वैश्विक सैन्य तकनीक में क्रांति ला रही हाइपरसोनिक मिसाइलों में चीन का डीएफ-17 सर्वाधिक उन्नत माना जा रहा है। रूस, अमेरिका और भारत सहित प्रमुख शक्तियां इस अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में तेजी से निवेश कर रही हैं।
LSN India ·

वर्तमान समय में विश्व की शीर्ष दस हाइपरसोनिक मिसाइलों की सूची में चीन का डीएफ-17 सर्वोच्च स्थान पर है। इस सूची में रूस के जिरकॉन और किंझल, संयुक्त राज्य अमेरिका का एआरआरडब्ल्यू-सीपीएस तथा भारत की ब्रह्मोस-2 जैसी प्रणालियां भी शामिल हैं। ये मिसाइलें अपनी असाधारण गति, विस्तृत परिसर और उन्नत स्टेल्थ प्रौद्योगिकी के लिए जानी जाती हैं।
हाइपरसोनिक मिसाइलें मैक 5 से अधिक गति से यानी ध्वनि की गति से पांच गुना तेज गति से यात्रा करती हैं। इनकी विशेषता यह है कि ये पारंपरिक वायु रक्षा प्रणालियों से बचाव के लिए डिजाइन की गई हैं। इन हथियारों की चपलाई और अवरोधन से बचने की क्षमता आधुनिक सामरिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि हाइपरसोनिक तकनीक का विकास 21वीं सदी के सैन्य संचालन को पुनः परिभाषित कर देगा। ये मिसाइलें पहचान से लेकर प्रभाव तक के समय को न्यूनतम कर देती हैं, जिससे रक्षा पक्ष के लिए प्रतिक्रिया करना अत्यंत कठिन हो जाता है। ईरान सहित कई देशों के पास इस प्रौद्योगिकी की क्षमताएं विकसित हो रही हैं।