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ईरान का दावा: ट्रंप का सपना कब्र तक ही सीमित रहेगा, खाड़ी में अमेरिकी सैन्य नहीं
ईरान ने फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को रोकने का दृढ़ संकल्प जताया है। तनाव बढ़ते हुए अमेरिकी राजदूत ने इसी सप्ताहांत हमले की संभावना जताई है।
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तेहरान ने मुखर होकर कहा है कि वह फारस की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरानी अधिकारियों की ओर से यह बयान क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दिया गया है। ईरान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाएगा।
अमेरिका के तुर्की स्थित राजदूत टॉम बैरैक ने इसी सप्ताहांत ईरान पर सैन्य हमले की संभावना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रखे हुए है। साथ ही, बैरैक ने यह भी जोड़ा कि ट्रंप प्रशासन कूटनीतिक समझौते की भी कोशिश जारी रखे हुए है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने रेखांकित किया कि यदि वार्ता सफल नहीं होती है तो अमेरिका आगे की सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि राजनयिक प्रयासों के साथ ही सैन्य विकल्प भी मेज पर बने हुए हैं। दूसरी ओर, ईरान ने अपने क्षेत्रीय प्रभाव को बनाए रखने का संकल्प दोहराया है।