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बीमा वितरण सुधार व्यवस्थित संक्रमण सुनिश्चित करेंगे: आइआरडीएआई प्रमुख
भारतीय बीमा नियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय सेठ ने कहा है कि वितरण सुधार कार्यक्रम क्षेत्र की दक्षता बढ़ाएंगे और मौजूदा व्यावसायिक मॉडल को बाधित किए बिना सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करेंगे। सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री का बीटा संस्करण जनवरी 2028 तक तैयार हो जाएगा।
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भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आइआरडीएआई) ने बीमा वितरण क्षेत्र में सुधारात्मक कदमों की घोषणा की है जो उद्योग को अधिक कुशल और संगठित बनाने का लक्ष्य रखते हैं। नियामक संस्था के प्रमुख अजय सेठ के अनुसार, ये सुधार मौजूदा व्यावसायिक मॉडल में विघ्न पैदा किए बिना एक क्रमबद्ध संक्रमण प्रदान करेंगे।
वितरण सुधार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बीमा वितरण नेटवर्क की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ाना है। इसके माध्यम से नियामक निकाय बाजार में सुसंगतता लाना चाहता है और हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना चाहता है।
आइआरडीएआई की एक महत्वपूर्ण पहल सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री की स्थापना है, जिसका बीटा संस्करण जनवरी 2028 तक लॉन्च किया जाएगा। यह रजिस्ट्री बीमा वितरकों और संबंधित जानकारी का एक व्यापक डेटाबेस होगा, जो उद्योग को और अधिक पारदर्शी और विनियमित तरीके से काम करने में मदद करेगा।
नियामक द्वारा अपनाया गया यह संतुलित दृष्टिकोण उद्योग के विकास और उपभोक्ता हितों की रक्षा दोनों को प्राथमिकता देता है। ये सुधार भारतीय बीमा बाजार के आधुनिकीकरण और वैश्विक मानकों के अनुरूप आने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।