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बीमा स्कोर के लिए क्रेडिट डेटा का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है आईआरडीएआई
भारतीय बीमा नियामक ने बीमा जोखिम मूल्यांकन के लिए क्रेडिट डेटा के उपयोग पर टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। विशेषज्ञ इस प्रस्ताव के लाभ और संभावित जोखिमों पर गहन विश्लेषण की मांग कर रहे हैं।
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भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने बीमा ग्राहकों के लिए जोखिम स्कोर तैयार करने में क्रेडिट डेटा के इस्तेमाल पर टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। नियामक ने 30 सितंबर तक सार्वजनिक प्रतिक्रिया लेने के लिए एक पत्र जारी किया है जिसमें इस मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श का आह्वान किया गया है।
यह प्रस्ताव साख डेटा रजिस्ट्री को सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्रेडिट सूचना का उपयोग बीमा जोखिम आकलन में अधिक पारदर्शिता और सटीकता ला सकता है।
हालांकि, नीति निर्माताओं और उपभोक्ता संरक्षण समूहों ने जोखिम स्कोर मॉडल की कार्यप्रणाली पर गहन जांच की मांग की है। विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस प्रणाली से किसी भी समूह के साथ भेदभाव न हो और प्रक्रिया पूरी तरह न्यायसंगत हो।
आईआरडीएआई का यह कदम बीमा उद्योग में डेटा-संचालित निर्णय लेने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। बहरहाल, क्रेडिट डेटा के आधार पर बीमा प्रीमियम निर्धारण के दीर्घकालिक प्रभावों का मूल्यांकन करने की आवश्यकता है।