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सोकोरो द्वीप पर जंगली भेड़ों का प्रकोप: 1,869 में 100 से बढ़कर 5,000 हो गईं
सोकोरो द्वीप पर विदेशी भेड़ों ने दशकों तक गंभीर पारिस्थितिक क्षति पहुंचाई। 2009 से 2012 के बीच संरक्षण कार्यक्रम में 1,762 भेड़ों को हटाया गया, जिसके बाद वनस्पति आवरण में 29% से 85% तक की वृद्धि देखी गई।
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सोकोरो द्वीप पर 1869 में प्रवेश की गई 100 भेड़ें दशकों में 5,000 तक बढ़ गईं, जिससे द्वीप के पारिस्थितिक तंत्र को भारी नुकसान हुआ। ये जंगली भेड़ें द्वीप की मूल वनस्पति को चरकर नष्ट कर रही थीं और मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट ला रही थीं।
द्वीप के संरक्षण के लिए एक महत्वाकांक्षी उन्मूलन कार्यक्रम शुरू किया गया। 2009 से 2012 के तीन वर्षों की अवधि में इस कार्यक्रम के तहत कुल 1,762 भेड़ों को द्वीप से हटाया गया। यह प्रयास भेड़ों के कारण पहुंचाए गए नुकसान को रोकने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
भेड़ों को हटाने के बाद द्वीप की पारिस्थितिक स्थिति में आश्चर्यजनक सुधार देखा गया। वनस्पति आवरण में 29% से बढ़कर 85% तक की वृद्धि दर्ज की गई, जो द्वीप की स्वयं को ठीक करने की क्षमता को दर्शाता है। मिट्टी की स्थिति में भी तेजी से सुधार हुआ, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुद्धार की प्रक्रिया तेज हुई।
हालांकि, सोकोरो द्वीप को भेड़ों की समस्या से निपटने के बाद भी अन्य आक्रामक प्रजातियों, विशेषकर जंगली बिल्लियों के साथ संघर्ष करना पड़ रहा है। ये बिल्लियां द्वीप के पक्षियों और अन्य स्थानीय प्रजातियों के लिए एक बड़ा संकट बनी हुई हैं, जिससे संरक्षण प्रयास अभी जारी रहने की आवश्यकता है।