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आजमगढ़ में हत्या का आरोपी: नशे और धार्मिक विरोध की गहरी कहानी
आजमगढ़ में पत्नी की हत्या और बच्चों को बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार अरविंद सिंह के जीवन की परतें खुल रही हैं। बचपन के दोस्तों के अनुसार, भाई की मौत के बाद वह गांजे की लत में फंस गया था और धार्मिक कार्यों से उसे विरोध था।
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आजमगढ़ में पूजा करा रहे दो पंडितों की हत्या और बच्चों को बंधक बनाने का आरोप लगा अरविंद सिंह का अतीत एक त्रासद मानसिक स्थिति को दर्शाता है। बचपन के दोस्त आशुतोष सिंह ने जानकारी दी है कि 2018 में अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या के बाद से उसका व्यवहार बदलने लगा था। वह धीरे-धीरे समाज से अलग-थलग होता गया और नशीली दवाओं का सेवन शुरू कर दिया।
आशुतोष के अनुसार, अरविंद नियमित रूप से गांजा पीने लगा था। इस अवधि में उसके पास-पड़ोस के लोगों का कहना है कि वह धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ से चिढ़ गया था। परिवार के सदस्यों की रिपोर्ट के अनुसार, घटना से मात्र तीन दिन पहले उसके घर में महामृत्युंजय जाप का आयोजन किया गया था।
आशुतोष का कहना है कि भाई की अप्राकृतिक मृत्यु अरविंद के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला। इसके बाद से वह अवसाद और सामाजिक अलगाववाद का शिकार हो गया। नशे की लत ने उसकी मानसिक स्थिति को और भी बिगाड़ दिया।
अब जांच एजेंसियां इस पूरी घटना के पीछे के कारणों को समझने की कोशिश कर रही हैं। मामले में अरविंद की मानसिक स्थिति और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच चल रही है ताकि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सटीक वजहें पता चल सकें।