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इजरायली चुनाव आयोग ने धांधली के आरोपों को खारिज किया, पुलिस ने नहीं पाए सबूत
इजरायल की पुलिस ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के आरोपों को समर्थन देने वाले साक्ष्य मिलने से इनकार किया है। अरब दलों के विरुद्ध लगाए गए वोट चोरी और हिंसा के आरोपों में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।
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इजरायल की राजधानी तेल अवीव में राजनीतिक विवाद गहरा गया है, जब चुनाव आयोग ने सत्तारूढ़ लिकुड पार्टी के धांधली संबंधी आरोपों को खारिज कर दिया। आयोग की इस कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि अरब पार्टियों के विरुद्ध आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
लिकुड पार्टी ने 2026 के संसदीय चुनाव में अरब दलों पर गंभीर आरोप लगाए थे। पार्टी का दावा था कि विरोधी पक्ष वोट चोरी, रिश्वत, धमकी, हिंसा और बैलेट बॉक्स में हेराफेरी में लिप्त हैं। इन आरोपों में भारी राजनीतिक तनाव का माहौल बना हुआ था।
इजरायल पुलिस द्वारा जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि अरब पार्टियों के विरुद्ध चलाए जा रहे आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है। इस बीच, चुनाव आयोग ने विदेशी फंडिंग की जांच का आदेश दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी मापदंडों के अनुकूल है।
इजरायल की राजनीतिक स्थिति में यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है और आने वाले चुनावों में निष्पक्षता के प्रश्न पर गहन बहस की संभावना बढ़ा दी है।