Politics · India Bureau
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का केंद्र बना रहेगा इसरो: आईएन-स्पेस अध्यक्ष
भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रचार और प्राधिकरण केंद्र (आईएन-स्पेस) के अध्यक्ष पवन गोयनका ने कहा कि इसरो की भूमिका कभी कम नहीं होगी और यह भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र की नींव बनी रहेगी।
LSN India ·

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का महत्व घटने वाला नहीं है और यह देश के अंतरिक्ष क्षेत्र की मजबूत बुनियाद बनी रहेगी। यह बात आईएन-स्पेस के अध्यक्ष पवन गोयनका ने रविवार को कही। गोयनका के अनुसार, 2020 के बाद से किए गए सुधार भारत के समग्र अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को विस्तृत करने के लिए हैं।
अंतरिक्ष विभाग के अधीन एक स्वायत्त एजेंसी आईएन-स्पेस गैर-सरकारी संस्थाओं की विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देती है, सक्षम बनाती है, अनुमति देती है और निरीक्षण करती है। गोयनका ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य निजी उद्योग को क्रमिक रूप से परिपक्व लॉन्च वाहन, उपग्रह और अन्य प्रणालियों के निर्माण और विस्तार के लिए सक्षम बनाना है।
इसी दौरान इसरो उन्नत अनुसंधान और विकास, वैज्ञानिक मिशन, रणनीतिक मिशन, नई तकनीकों और ऐसे ढांचे पर ध्यान केंद्रित करेगा जो निजी क्षेत्र के लिए विकसित करना बेहद जटिल है। गोयनका ने कहा कि यह विभाजन एक सुविचारित रणनीति है जो भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करेगी।