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अमेरिकी ग्रीन कार्ड पर प्रतिबंध से आईटी क्षेत्र प्रभावित, जीटेक सरकार से हस्तक्षेप की मांग
अमेरिकी सरकार द्वारा PERM आवेदनों पर लगाई गई रोक से भारतीय आईटी कंपनियां चिंतित हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय से मौजूदा H-1B वीजाधारकों की स्थिति पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
LSN India ·

अमेरिका में ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया में आई रुकावट के कारण भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील कर रही हैं। जीटेक सहित बड़ी आईटी कंपनियों को इस कदम से अपने कर्मचारियों के अमेरिकी अप्रवास योजनाओं में बाधा आने की आशंका है।
अमेरिकी सरकार ने PERM यानी परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन के नए आवेदनों पर रोक लगा दी है। यह प्रक्रिया उन विदेशी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है जो अमेरिकी ग्रीन कार्ड प्राप्त करना चाहते हैं। भारतीय आईटी उद्योग में अमेरिकी कार्य अनुमति और स्थायी निवास के लिए आवेदन करने वाले हजारों पेशेवर हैं।
हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि PERM आवेदनों पर लगी यह रोक पहले से मौजूद H-1B वीजा धारकों को सीधे प्रभावित नहीं करेगी। वर्तमान में अमेरिका में कार्य कर रहे H-1B वीजाधारकों और उनके आश्रितों की कानूनी स्थिति पर इस निर्णय का कोई नकारात्मक असर नहीं होगा।
आईटी क्षेत्र के नेताओं का मानना है कि इस तरह की नीतियां अंतर्राष्ट्रीय कौशल प्रवाह को बाधित करती हैं। वे भारत की ओर से अमेरिकी प्रशासन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से इस मुद्दे को सुलझाने की उम्मीद कर रहे हैं।