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कर्नाटक सरकार को दस दिन का अल्टीमेटम, जैन समुदाय के मांग पूरे न हुए तो सल्लेखना
वरूर नवग्रह तीर्थ क्षेत्र के आचार्य गुणधारानंदी महाराज ने कर्नाटक सरकार को लिखित आश्वासन देने के लिए दस दिन की समय सीमा दी है। जैन समुदाय की पांच प्रमुख मांगों में जैन विकास निगम की स्थापना भी शामिल है।
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वरूर नवग्रह तीर्थ क्षेत्र के आचार्य गुणधारानंदी महाराज ने कर्नाटक सरकार के समक्ष जैन समुदाय की पांच प्रमुख मांगों को लेकर एक कठोर रुख अपनाया है। महाराज ने सरकार को दस दिन का समय दिया है कि वह इन मांगों पर लिखित रूप से आश्वासन प्रदान करे।
जैन समुदाय की मांगों में एक जैन विकास निगम की स्थापना शामिल है जो सामाजिक और आर्थिक विकास से संबंधित कार्यक्रमों का संचालन करेगा। इसके अलावा समुदाय ने और भी कई मुद्दों को उठाया है जिन पर सरकार की तरफ से सकारात्मक पहल की अपेक्षा की जा रही है।
आचार्य गुणधारानंदी महाराज ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकार इन मांगों को स्वीकार नहीं करती है तो दिसंबर महीने में सल्लेखना जैसे गंभीर कदम उठाए जा सकते हैं। सल्लेखना जैन परंपरा में आत्मनियंत्रण का एक महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।
इस मुद्दे पर अब कर्नाटक सरकार से जैन समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर शुरू होने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस विवाद के समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच विस्तृत चर्चा की उम्मीद जताई जा रही है।