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वैश्विक व्यवस्था में बदलाव के बीच बहुपक्षीय सुधार जरूरी: जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों को दर्शाने के लिए बहुपक्षीय संस्थानों में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अबू धाबी में रायसीना संवाद के मध्य पूर्व संस्करण में संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल-नहयान के साथ इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को अबू धाबी में रायसीना संवाद के मध्य पूर्व संस्करण में कहा कि वैश्विक व्यवस्था के तेजी से बदलते चेहरे को देखते हुए बहुपक्षीय संस्थानों में "तत्काल" सुधार आवश्यक है। संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल-नहयान के साथ 'आने वाली दुनिया: शक्ति, उद्देश्य और संभावना' विषय पर हुई चर्चा में जयशंकर ने यह विचार प्रस्तुत किए।
जयशंकर ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में परिवर्तन की गति बढ़ रही है, जो दीर्घकालीन प्रवृत्तियों और तत्काल संकटों दोनों को प्रतिबिंबित करती है। इस स्थिति में देशों को अपनी विशिष्ट परिस्थितियों के अनुसार नई साझेदारियों और विकल्पों की खोज करनी पड़ रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस चर्चा के बाद कहा कि नई साझेदारियां और ताजा विकल्प इसी खोज का अनिवार्य परिणाम हैं।
जयशंकर के अनुसार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देशों को अपने परंपरागत दायरे से बाहर निकलना होगा और नए तरीकों का विकास करना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छोटे देशों के समूहों के बीच मजबूत सहयोग इस सुधार प्रक्रिया को समर्थन दे सकता है। यह दृष्टिकोण वैश्विक संस्थानों को अधिक समावेशी और प्रतिनिधिमूलक बनाने में सहायक साबित हो सकता है।