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सूखे से जूझते जलगांव में केले की कीमतों में गिरावट, किसान ने नष्ट किया खेत
जलगांव के एक किसान ने अपने चार एकड़ केले के बागान को रोटावेटर से नष्ट कर दिया जब व्यापारियों ने प्रति किलोग्राम मात्र तीन रुपये का भाव दिया। पश्चिम एशिया को निर्यात में व्यवधान के बीच थोक बाजार में केलों की कीमतें गिरने लगी हैं।
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महाराष्ट्र के जलगांव जिले में केलों के थोक भाव में तेजी से गिरावट देखी जा रही है, जिससे स्थानीय किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। सूखे की मार झेल रहे इस क्षेत्र में व्यापारियों द्वारा दिए जा रहे न्यून मूल्य ने किसानों को निराश कर दिया है। व्यापार के अंतर्राष्ट्रीय मार्गों में गड़बड़ी के कारण निर्यात में आई बाधा इस संकट को और गहरा बना गई है।
जलगांव के एक किसान की स्थिति इस गंभीर समस्या का जीवंत प्रमाण बन गई है। जब उन्हें अपनी फसल के लिए प्रति किलोग्राम केवल तीन रुपये का भाव मिला, तो उन्होंने अपने चार एकड़ के केले के बागान को यंत्रीकृत साधनों से पूरी तरह नष्ट करने का निर्णय ले लिया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से किसानों के बीच निराशा और संकट की गहराई का आभास मिलता है।
पश्चिम एशिया को भारतीय केलों के निर्यात में आई बाधा स्थानीय बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति बढ़ा गई है। इससे कीमतें गिरी हैं और किसानों की आय में भारी कमी आई है। सूखे की स्थिति ने पहले से ही खेती को चुनौतीपूर्ण बना दिया था, और अब बाजार मूल्य में गिरावट ने किसानों के लिए स्थिति और भी विकट बना दी है।
जलगांव जिले के किसानों के लिए यह संकटकाल है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सुधार और सूखे से निपटने के लिए समुचित कदमों की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि कृषकों को कुछ राहत मिल सके।