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जन धन योजना: हर चौथा खाता निष्क्रिय, 5.72 करोड़ में शून्य बैलेंस
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 59 करोड़ से अधिक खातों में अगस्त 2026 तक 3.15 लाख करोड़ रुपये की कुल जमा राशि दर्ज है। हालांकि, सूचना का अधिकार आवेदन के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों से योजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठे हैं।
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प्रधानमंत्री जन धन योजना में बड़ी संख्या में खाते निष्क्रिय पड़े हैं। सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के अनुसार, योजना के तहत खोले गए खातों में से लगभग 25 प्रतिशत खाते पूरी तरह से निष्क्रिय हैं।
अगस्त 2026 तक की उपलब्ध जानकारी में 5.72 करोड़ खातों में कोई भी शेष राशि नहीं है। इसका मतलब है कि इन खातों को या तो व्यक्तिगत कारणों से छोड़ दिया गया है या फिर नियमित तौर पर उपयोग नहीं किया जा रहा है। कुल 59 करोड़ से अधिक खातों का डेटा बेहद असमान वितरण को दर्शाता है।
योजना के समग्र आंकड़ों के अनुसार, कुल जमा राशि 3.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची है। यह आंकड़ा योजना के समग्र प्रभाव को दर्शाता है, लेकिन निष्क्रिय खातों की संख्या इसकी पहुंच और वास्तविक उपयोग के बीच एक बड़ी खाई को रेखांकित करती है।
यह आंकड़े वित्तीय समावेश की दिशा में सरकारी प्रयासों की सफलता और चुनौतियों दोनों को दर्शाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खातों को सक्रिय रखने और नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं का नियमित उपयोग करने के लिए जागरूकता और प्रेरणा में सुधार की आवश्यकता है।