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जापान ने 62 लाख पुराने फोन से टोक्यो ओलंपिक पदक बनाए
2017-2019 के बीच जापान ने लाखों इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पुनर्चक्रित कर 5,000 ओलंपिक और पैरालंपिक पदक तैयार किए। इस पहल में निकाले गए सोने, चांदी और कांस्य का उपयोग टोक्यो खेलों में पुरस्कार के रूप में किया गया।
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जापान ने 2020 के ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों से पहले एक अभूतपूर्व पहल शुरू की थी, जिसमें देशभर से लाखों पुराने मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एकत्र किए गए। इस व्यापक पुनर्चक्रण कार्यक्रम में 2017 से 2019 तक लगभग 62 लाख फोन इकट्ठा किए गए।
एकत्र किए गए उपकरणों से विशेषज्ञ पुनर्चक्रणकर्ताओं ने सोना, चांदी और कांस्य धातु निकाली। इन कीमती धातुओं को टोक्यो ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के लिए कुल 5,000 पदक बनाने में उपयोग किया गया। यह अनोखी पद्धति न केवल खेलों को स्मरणीय बनाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है।
इस परियोजना में जापान के स्थानीय नगरपालिकाओं, व्यवसायों और समुदायों ने सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे देश से फोन और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के संग्रह में व्यापक जनसहयोग मिला। यह पहल जापान की टिकाऊ विकास और नवोन्मेषी पुनर्चक्रण प्रथाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह परियोजना वैश्विक स्तर पर अन्य देशों के लिए एक प्रेरणा बन सकती है। जापान की यह पहल साबित करती है कि कैसे बड़े खेल आयोजनों को पर्यावरण-अनुकूल तरीकों से संपन्न किया जा सकता है और साथ ही राष्ट्रीय संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है।