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जापानी ओडिसी नर्तकी ने पाया अपनापन, स्वीकार किया अपनी पहचान

एक जापानी ओडिसी नृत्यांगना ने अपनी यात्रा में आत्मविश्वास पाया है। शुरुआत में संशय के बाद वह अब इस शास्त्रीय भारतीय नृत्य शैली को अपना जीवन मानती हैं।

LSN India · 8 October 2026

ओडिसी नृत्य की दुनिया में एक जापानी कलाकार ने अपनी अनोखी यात्रा साझा की है। नाका नामक इस नृत्यांगना के लिए ओडिसी सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। उन्होंने कहा कि यह शास्त्रीय भारतीय नृत्य रूप उनके जीवन को परिभाषित करता है।

अपनी शुरुआती यात्रा में नाका को कई संदेह का सामना करना पड़ा। वह अपनी जातीयता और शारीरिक विशेषताओं को लेकर चिंतित रहीं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने सोचा था, 'मैं जापानी हूँ, और मेरी आँखें अभिनय को व्यक्त करने के लिए बहुत छोटी हैं।' यह असुरक्षा उनके आत्मविश्वास को प्रभावित कर रही थी।

हालांकि, समय के साथ नाका का दृष्टिकोण बदला। उन्होंने अपनी पहचान को स्वीकार किया और समझा कि कला की भाषा सीमाओं को नहीं जानती। उनका यह रूपांतरण दर्शाता है कि कैसे एक कलाकार अपनी अनिश्चितताओं से आगे बढ़कर सांस्कृतिक पहचान खोज सकता है। नाका का अनुभव भारतीय शास्त्रीय कला के वैश्विक आकर्षण और समावेशी प्रकृति का प्रमाण है।