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धर्म से परे: जावेद अख्तर ने बच्चों की परवरिश का खुलासा किया
प्रसिद्ध लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने अपने बच्चों फरहान और जोया की परवरिश से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी संतानों को किसी विशेष धर्म से नहीं जोड़ा।
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प्रख्यात लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने अपनी परवरिश की दृष्टिकोण पर बात करते हुए कहा है कि उन्होंने अपने बच्चों को धार्मिक सीमाओं से परे पालन-पोषण किया है। अख्तर के अनुसार, फरहान और जोया को किसी विशेष धर्म से बांधने के बजाय उन्होंने मानवीय मूल्यों पर ध्यान केंद्रित किया।
अख्तर का यह रुख उनके बौद्धिक और उदार दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने माना कि धार्मिक पहचान की बजाय सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिकता को बढ़ावा देना ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसी वजह से बेटे फरहान ने अपने पिता से धर्म के बारे में सवाल पूछा था।
यह खुलासा समाज में धर्म और पहचान को लेकर एक व्यापक बहस का प्रतीक है। भारतीय समाज में धार्मिक तटस्थता की परवरिश एक असामान्य पर महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर अख्तर जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व की राय का विशेष महत्व है।
अख्तर की यह सोच सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को स्वीकार करने का संदेश देती है और यह दर्शाती है कि पारिवारिक मूल्य धार्मिक पहचान से परे हो सकते हैं।