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पिसारो की नाजी लूट की गई कला को लेकर सोथेबीज पर कानूनी चुनौती

यहूदी बैंकर सलोमन फ्लेवियन के सात उत्तराधिकारियों ने सोथेबीज द्वारा 1.2 मिलियन पाउंड में बेची जा रही एक पिसारो पेंटिंग को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू की है। वे दावा करते हैं कि यह पेंटिंग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजियों द्वारा लूट की गई थी।

LSN India · 31 October 2026

पिसारो की नाजी लूट की गई कला को लेकर सोथेबीज पर कानूनी चुनौती

कला जगत में एक प्रतिष्ठित फ्रांसीसी चित्रकार कमील पिसारो की एक मूल्यवान कृति को लेकर कानूनी विवाद उभरा है। सलोमन फ्लेवियन नामक यहूदी बैंकर के सात उत्तराधिकारियों ने दावा किया है कि सोथेबीज नीलामी घर द्वारा हाल ही में जिस पेंटिंग को बिक्री के लिए रखा गया है, वह वास्तव में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी सरकार द्वारा लूट की गई थी।

उत्तराधिकारियों का तर्क है कि उन्हें पहले के किसी समझौते में उचित रूप से शामिल नहीं किया गया था और वे इस बिक्री पर आपत्ति दर्ज करने का अधिकार रखते हैं। उनके अनुसार, यह पेंटिंग उनके परिवार की संपत्ति है जो अवैध रूप से जब्त की गई थी।

दूसरी ओर, सोथेबीज का दावा है कि नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी और नियमानुसार संपन्न की गई है। नीलामी घर ने यह भी कहा है कि उसने कला की बिक्री से पहले सभी आवश्यक जांच पड़ताल की थी।

यह विवाद होलोकॉस्ट के दौरान लूट की गई कला को लेकर मौजूद कानूनी जटिलताओं को दर्शाता है। ऐसे कई मामले दुनिया भर में लंबित हैं जहां पीड़ित परिवार अपनी ऐतिहासिक संपत्ति को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस मामले का निपटारा इस बात का संकेत देगा कि नीलामी घर और कला बाजार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के इस संवेदनशील मुद्दे को किस तरह संभालते हैं।