World · India Bureau
HC के आदेश का सम्मान, लेकिन मांगें अधूरी: महतो
झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC परीक्षाओं के रद्द आदेश पर स्टे दिया है। आंदोलन के नेता देवेंद्र महतो ने कहा कि अदालत के फैसले को तो स्वीकार करते हैं, पर मूल मांगें अभी बाकी हैं।
LSN India ·

झारखंड के सिविल सेवा आंदोलन में नई करवट आने के संकेत दिख रहे हैं। राज्य की हाईकोर्ट ने 11वीं, 12वीं और 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा तथा फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति को रद्द करने वाले अपने पहले आदेश पर स्टे लगा दिया है। इस निर्णय के बाद आंदोलन के मुख्य चेहरे देवेंद्र नाथ महतो ने एक संतुलित रुख अपनाते हुए कहा है कि वे अदालत के इस निर्णय का पूरी सम्मानपूर्वक स्वागत करते हैं।
हालांकि महतो ने यह भी स्पष्ट किया कि अदालत के फैसले को स्वीकार करना और आंदोलन को समाप्त करना दोनों अलग बातें हैं। उनके अनुसार उनकी मूल मांगें आज भी ज्यों की त्यों बनी हुई हैं और इससे समझौता किया जा सकता है। इसका अभिप्राय यह है कि आंदोलन के नेता भविष्य के लिए परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार की अपेक्षा रखते हैं।
इसी बीच, JPSC और JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प दिया है। संगठन ने शुक्रवार को राज्य के 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की घोषणा की है। यह कदम सोरेन सरकार पर छात्रों के असंतोष को दर्शाता है।
झारखंड में यह आंदोलन भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार की मांगों को लेकर तेज हुआ है। अदालत के इस हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की संभावनाएं बढ़ी हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच की खाई को भरने के लिए अभी और प्रयास की जरूरत है।