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जितिया व्रत 2026: तारीख और पारण की संपूर्ण जानकारी
जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत संतान की दीर्घायु और कल्याण की कामना के लिए मनाया जाता है। माताएं इस व्रत को अपने बेटों की रक्षा और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।
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जितिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय परंपरा में संतान के जीवन की सुरक्षा और समृद्धि के लिए रखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। यह व्रत मुख्य रूप से माताओं द्वारा अपने पुत्रों की दीर्घायु, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए निर्धारित तिथि पर किया जाता है।
धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं के अनुसार, श्रद्धा और नियम के साथ जितिया व्रत करने से संतान को विभिन्न संकटों से सुरक्षा मिलती है। इस व्रत को पूरी भक्ति के साथ संपन्न करने से माता-पिता की प्रार्थना देवताओं तक पहुंचती है और संतान को दीर्घ और स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
2026 में जितिया व्रत की सटीक तिथि और पारण की जानकारी के लिए पंचांग से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है। व्रत की तैयारी करने वाले परिवारों को इन महत्वपूर्ण तारीखों को नोट करना चाहिए ताकि व्रत को सही समय पर रखा और तोड़ा जा सके।
प्रत्येक क्षेत्र में इस व्रत को मनाने की परंपराएं कुछ भिन्न हो सकती हैं, लेकिन इसके पीछे का मूल उद्देश्य सदैव संतान के कल्याण की कामना करना ही रहता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, इस व्रत का पालन परिवार में खुशहाली और सुख-शांति लाता है।