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नई नौकरी पर भी न निकालें ईपीएफ, जानिए बेहतर विकल्प

कर्मचारी भविष्य निधि से जल्दबाजी में पैसे निकालने से बेहतर है इसे नई नियोक्ता को हस्तांतरित करना। यह दीर्घकालीन सेवानिवृत्ति बचत के लिए अधिक लाभकारी साबित हो सकता है।

LSN India · 5 September 2026

नौकरी बदलते समय कर्मचारियों को अपनी ईपीएफ निकालने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। भारत में लाखों कामगार यह गलती करते हैं और अपने दीर्घकालीन सेवानिवृत्ति लक्ष्यों को नुकसान पहुंचाते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का सुझाव है कि कर्मचारी अपने संचित भविष्य निधि को सीधे नई कंपनी के खाते में स्थानांतरित करें।

ईपीएफ को नई नियोक्ता के पास भेजने का मुख्य लाभ यह है कि आपके निवेश में बाधा नहीं आती। जब आप पैसे निकाल लेते हैं तो न केवल तत्काल कर का भुगतान करना पड़ता है, बल्कि चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ भी खो जाता है। भविष्य निधि खाता सीधे स्थानांतरण के माध्यम से आपके सेवानिवृत्ति कोष में निरंतर योगदान जारी रहता है।

इसके अलावा, ईपीएफ निकालने पर आपको पूरी राशि नहीं मिलती। प्रशासनिक शुल्क और अन्य कटौतियों के बाद वास्तविक रकम कम हो जाती है। इसके विपरीत, खाते का हस्तांतरण एक सरल प्रक्रिया है जिसे ऑनलाइन भी पूरा किया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आपातकालीन स्थिति में आवश्यक होने तक ईपीएफ को अछूता छोड़ना चाहिए। यह आपके भविष्य के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है। नई नौकरी पर जाते समय अपने पूर्व नियोक्ता से सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर तुरंत नए खाते में स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए।