LSN News › India

World · India Bureau

बच्चों में जोड़ों का दर्द बढ़ रहा है, स्कूल बैग नहीं है मुख्य कारण

भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट संस्थान की रिपोर्ट में चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। स्कूली बच्चों में पीठ, कमर और घुटनों का दर्द अब एक सामान्य समस्या बन गया है, जो पहले बुजुर्गों में देखी जाती थी।

LSN India · 24 September 2026

बच्चों में जोड़ों का दर्द बढ़ रहा है, स्कूल बैग नहीं है मुख्य कारण

देश भर के स्कूली बच्चों में जोड़ों संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 40 प्रतिशत बच्चे पीठ, कमर और घुटनों के दर्द से पीड़ित हैं। यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि ये बीमारियां परंपरागत रूप से प्रौढ़ और वृद्ध आयु वर्ग में देखी जाती हैं।

आमतौर पर इस समस्या का कारण भारी स्कूल बैग माना जाता है, किंतु विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक कारण भिन्न हैं। शारीरिक निष्क्रियता, गलत आसन और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत बच्चों में जोड़ों का दर्द बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रही है। डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग भी इस समस्या को गंभीर बना रहा है।

विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि बच्चों को नियमित व्यायाम, खेलकूद और सही आसन के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों की शारीरिक गतिविधि बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इसके अलावा, एरगोनॉमिक डिजाइन वाली बैठक व्यवस्था और नियमित स्वास्थ्य जांच भी महत्वपूर्ण हैं।

यदि बच्चों में जोड़ों का दर्द लंबे समय तक रहता है, तो माता-पिता को तुरंत चिकित्सक या फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि बचपन से ही सही जीवनशैली अपनाने से भविष्य में गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।