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कायरता का आरोप सहने से बेहतर मौत: 23 मौत की सजा देने वाले जज

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक अदालत के जज ने गंभीर चिंता व्यक्त की है कि भारतीय न्यायिक व्यवस्था पर अपराधियों और माफिया का दबाव बढ़ रहा है। जज ने कहा है कि उन्हें माफिया की ओर से धमकियां मिल रही हैं।

LSN India · 8 September 2026

कायरता का आरोप सहने से बेहतर मौत: 23 मौत की सजा देने वाले जज

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने भारतीय न्यायिक व्यवस्था में अपराधियों के बढ़ते प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। जज दिवाकर ने कहा कि वह अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान गंवानी पड़े।

न्यायाधीश के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में माफिया और अपराधिक संगठनों का न्यायिक प्रक्रिया पर गहरा प्रभाव है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह स्थिति न केवल कानून के शासन के लिए खतरनाक है, बल्कि पूरी न्यायिक व्यवस्था को कमजोर करती है।

जज दिवाकर ने अपने कार्यकाल में 23 मौत की सजा सुनाई है। उन्होंने कहा है कि उन्हें माफिया की ओर से कई धमकियां प्राप्त हुई हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि ये धमकियां उन्हें न्याय देने के अपने कर्तव्य से विचलित नहीं कर सकतीं।

जज दिवाकर का यह बयान न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल उठाता है। उनके अनुसार, जब तक न्यायाधीशों को माफिया और अपराधिक तत्वों से निर्भयता से काम करने का माहौल न मिले, तब तक न्याय व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।