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मुख्य न्यायाधीश का आरोप: नेताओं की रिहाई में देरी, चार जमानतकार खारिज
भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कार्यकर्ताओं की रिहाई में विलंब का आरोप लगाया है। सौरव दास और अशुतोष रंका को जनतर मंतर में प्रवेश के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
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मुख्य न्यायाधीश ने दो कार्यकर्ताओं की रिहाई में आने वाली देरी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सौरव दास और अशुतोष रंका को 14 अक्टूबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
दोनों कार्यकर्ता जनतर मंतर में प्रवेश करते समय बंद फाटकों को पार करके गए थे। ध्यान देने योग्य है कि जनतर मंतर को इससे पहले प्रदर्शन के लिए अनुमोदित स्थल के रूप में हटा दिया गया था।
न्यायिक प्रक्रिया के दौरान चार जमानतकारों को खारिज कर दिया गया। मुख्य न्यायाधीश का कहना है कि इस मामले में रिहाई की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब हुआ है।
यह घटना कानूनी प्रक्रियाओं और प्रदर्शन स्थलों के विनियमन को लेकर उठाए गए सवालों के बीच आई है। मामला अभी न्यायिक विचाराधीन है।