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गौरी लंकेश और कलबुर्गी हत्या मामलों में आठ साल बाद भी ट्रायल अधूरे

गौरी लंकेश और एम.एम. कलबुर्गी की मृत्यु के आठ साल बाद भी इन मामलों में चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद न्यायिक कार्यवाही में देरी जारी है। इस हफ्ते दोनों के मृत्यु वर्षिकी मनाए जाने के बीच न्याय की प्रक्रिया अभी भी अधूरी बनी हुई है।

LSN India · 5 September 2026

गौरी लंकेश और कलबुर्गी हत्या मामलों में आठ साल बाद भी ट्रायल अधूरे

पत्रकार गौरी लंकेश और विद्वान एम.एम. कलबुर्गी की हत्या के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया में पर्याप्त विलंब हो रहा है। गत आठ वर्षों में चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद भी दोनों ही मामलों की सुनवाई अभी तक पूरी नहीं हुई है। इस सप्ताह दोनों पीड़ितों के मृत्यु वर्षिकी मनाए जाने के समय यह स्थिति विशेष चिंता का विषय बन गई है।

लंकेश की हत्या सितंबर 2017 में और कलबुर्गी की हत्या अगस्त 2015 में हुई थी। दोनों मामले राजनीतिक और सामाजिक विचारों से संबंधित प्रतिक्रियाएं माने जाते हैं। इन मामलों में जांच एजेंसियों द्वारा विस्तृत जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की गई थी, लेकिन अदालतों में इन मामलों की प्रगति बेहद धीमी रही है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए ताकि पीड़ितों के परिवारों को समय पर न्याय मिल सके। न्यायालय में लंबित मामलों की बड़ी संख्या और अन्य प्रक्रियात्मक कारणों से इन महत्वपूर्ण केसों में विलंब हो रहा है।

दोनों मामलों की स्थिति से यह सवाल उठता है कि क्या भारतीय न्याय प्रणाली ऐसे संवेदनशील मामलों में पर्याप्त गति से काम कर सकती है। न्यायिक सुधार और अदालतों में संसाधनों की कमी पर विभिन्न मंचों पर चर्चा जारी है।