World · India Bureau
कलानमक चावल की खेती में आया नया जीवन, किसानों की आय बढ़ रही है
बेहतर किस्मों और बढ़ती मांग के कारण पारंपरिक कलानमक चावल की खेती में किसानों का रुझान बढ़ रहा है। इस सुगंधित चावल की बाजार कीमत भी पिछले समय की तुलना में काफी बेहतर हुई है।
LSN India ·

उत्तर प्रदेश और बिहार के किसान परंपरागत कलानमक चावल की खेती को फिर से अपना रहे हैं। इस विश्वविख्यात काली सुगंध वाले चावल की खेती में आधुनिक तरीके और बेहतर बीज किस्मों का उपयोग करके किसान अच्छी पैदावार हासिल कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई किस्मों से न केवल उत्पादन में इजाफा हुआ है, बल्कि चावल की गुणवत्ता भी बेहतर बनी है।
बाजार में कलानमक चावल की बढ़ती मांग इसकी कीमत को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस सुगंधित चावल की मजबूत उपस्थिति किसानों के लिए आय का एक स्थिर स्रोत बन गई है। देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
कलानमक चावल की परंपरागत किस्म को संरक्षित रखते हुए इसकी खेती को आधुनिक तरीकों से करना किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। बेहतर सिंचाई सुविधा, समय पर बीज उपचार और वैज्ञानिक खाद प्रबंधन से इस चावल की उपज में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। क्षेत्र के कृषि विभाग भी किसानों को इस परंपरागत खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।