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किसानों के सहयोग से कपरा झील के संरक्षण को मिली गति
स्थानीय किसान पूर्ण जल स्तर क्षेत्र में 70 एकड़ भूमि स्वेच्छा से सौंप रहे हैं। हाइड्रा प्राधिकरण परियोजना पर 35 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
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कपरा झील के पुनरुद्धार की परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। स्थानीय किसानों ने झील के पूर्ण जल स्तर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 70 एकड़ भूमि स्वेच्छा से सौंपने का निर्णय लिया है। यह कदम झील के संरक्षण और पुनः विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
हाइड्रेलिक इंजीनियरिंग रिसर्च स्टेशन (हाइड्रा) प्राधिकरण इस परियोजना पर 35 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। इस बजट के माध्यम से झील की बहाली के व्यापक काम किए जाएंगे। कुल 112.80 एकड़ के इस आर्द्रभूमि क्षेत्र को पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
कपरा झील प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख आवास क्षेत्र है। इसके संरक्षण से इन प्रजातियों को महत्वपूर्ण शरणस्थल मिलेगा। किसानों के सहयोग से शुरू यह परियोजना स्थानीय समुदाय और संरक्षण के बीच एक सकारात्मक संतुलन स्थापित करती है।
झील के पुनरुद्धार से क्षेत्र की जलवायु, जल संरक्षण और जैविक विविधता में सुधार की संभावना है। किसानों का यह स्वैच्छिक सहयोग पारिस्थितिकी संरक्षण के प्रति जागरूकता का संकेत देता है और भविष्य की समान परियोजनाओं के लिए एक मिसाल स्थापित करता है।