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कन्नड़ भाषियों को नौकरी से वंचित करने पर कर्नाटक सरकार की कड़ी चेतावनी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने निजी संस्थानों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि कन्नड़भाषी कर्मचारियों को जानबूझकर किनारे किए जाने की पुष्टि होने पर सरकार कठोर कार्रवाई करेगी।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने निजी संस्थानों के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कन्नड़भाषियों को नौकरी से वंचित किए जाने के मुद्दे को उठाया गया है। इसके जवाब में शिवकुमार ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि किसी निजी संस्था द्वारा कन्नड़ियों को जानबूझकर किनारे किए जाने की पुष्टि होती है, तो राज्य सरकार उचित कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बयान से स्पष्ट है कि राज्य सरकार भाषाई भेदभाव के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी।
यह घटना कर्नाटक में भाषाई राजनीति के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शाती है। राज्य में कन्नड़ भाषा और कन्नड़भाषी कर्मचारियों के अधिकारों का मुद्दा लंबे समय से गरमागर्म रहता है। सरकार की यह चेतावनी निजी क्षेत्र को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर सकती है।