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कर्नाटक में मतदाता सूची संशोधन को कांग्रेस का बचाव
कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं ने राज्य सूचकांक रजिस्टर (एसआईआर) से मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया को वैध बताया है। उनका कहना है कि यह कदम अन्य राज्यों में किए गए कार्यों से भिन्न और न्यायसंगत है।
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कर्नाटक के कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य के सूचकांक रजिस्टर (एसआईआर) से अनुपस्थित मतदाताओं को हटाने के प्रशासनिक कदम को लेकर सवालों का जवाब दिया है। कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह वैध और नियमानुरूप बताते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को सुव्यवस्थित करना है।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने मुख्य रूप से इस कार्रवाई की आलोचना का जवाब दिया है। उन्होंने रेखांकित किया है कि कर्नाटक द्वारा अपनाई गई पद्धति अन्य राज्यों में लागू की गई प्रणालियों से अलग और अधिक पारदर्शी है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया चुनावी सूची में सुधार के लिए एक आवश्यक उपाय है।
कर्नाटक सरकार का यह कदम लंबे समय से निष्क्रिय मतदाताओं को सूची से निकालने की प्रक्रिया का हिस्सा है। जिन मतदाताओं को अनुपस्थित रहने के रूप में वर्गीकृत किया गया था, उन्हें इस संशोधन में शामिल किया गया है। सरकारी अधिकारियों का तर्क है कि इससे चुनावी प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और कुशल बनाया जा सकेगा।
हालांकि, इस निर्णय को लेकर कुछ राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों से प्रश्न उठाए जा रहे हैं। विरोधियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से कुछ वैध मतदाता भी प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने जोर देते हुए कहा है कि सभी निर्णय संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार लिए गए हैं और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाई गई है।