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कर्नाटक के यादगीर जिले में सूखे और बीमारी से कपास की पैदावार में भारी गिरावट
यादगीर जिले में किसानों को लक्ष्य से 108 प्रतिशत अधिक क्षेत्र में बुवाई के बावजूद भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। वर्षा पर आश्रित इलाकों में कपास की पैदावार महज 2-3 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रह गई है।
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कर्नाटक के यादगीर जिले में किसानों की कपास खेती को लगातार सूखे और ब्राउन लीफ स्पॉट बीमारी के कारण भारी नुकसान हो रहा है। इस मौसम में जिले के किसानों ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक क्षेत्र में कपास की बुवाई की थी, लेकिन प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण उनकी फसल बर्बाद हो गई है।
वर्षा पर आश्रित कृषि क्षेत्रों में पैदावार का संकट सबसे गंभीर है, जहां कपास की पैदावार मात्र 2 से 3 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक सीमित रह गई है। यह पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है और किसानों के लिए आर्थिक रूप से भारी नुकसानदेह साबित हुआ है। जिले में लगातार अनावृष्टि की स्थिति किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है।
ब्राउन लीफ स्पॉट बीमारी ने भी फसल को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। इस रोग के कारण कपास के पत्तों पर धब्बे पड़ गए हैं, जिससे पौधों की वृद्धि प्रभावित हुई है। किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों ने इस स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है।
यादगीर जिले में कपास की खेती का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन इस बार बुवाई लक्ष्य से अधिक होने के बावजूद उत्पादन में गिरावट ने किसानों की आय में कमी ला दी है। इलाके के किसान सरकार से मुआवजे और सहायता की मांग कर रहे हैं।