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कर्नाटक हाई कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक के बलात्कार मामले में कोडागु होमस्टे मालिक के खिलाफ आरोप रद्द किए

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कोडागु के एक होमस्टे मालिक के खिलाफ लगाए गए आरोपों को रद्द कर दिया है, जिन्हें विदेशी अधिनियम 1946 के तहत दर्ज किया गया था। न्यायालय ने माना कि यह कानून सितंबर 2025 से पूरी तरह निरस्त हो चुका है।

LSN India · 26 August 2026

कर्नाटक हाई कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक के बलात्कार मामले में कोडागु होमस्टे मालिक के खिलाफ आरोप रद्द किए

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कोडागु जिले के एक होमस्टे संचालक के विरुद्ध दर्ज सभी आरोपों को निरस्त कर दिया है। होमस्टे मालिक पर एक अमेरिकी नागरिक के बलात्कार के आरोप में विदेशी अधिनियम 1946 के प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जा रहा था।

न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि आरोप लगाने के लिए इस्तेमाल किए गए कानून के प्रावधान अब कानूनी रूप से अस्तित्व में नहीं हैं। विदेशी अधिनियम 1946 को सितंबर 1, 2025 को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया था। न्यायालय के अनुसार, "एक ऐसे कानूनी प्रावधान से अपराधिता की धारणा नहीं बनाई जा सकती जो अब अस्तित्व में ही नहीं रहा।"

यह निर्णय एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल स्थापित करता है कि निरस्त कानूनों के प्रावधानों के आधार पर कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के विरुद्ध आरोप केवल वर्तमान में लागू कानूनों के तहत ही दर्ज किए जा सकते हैं।

यह निर्णय भारतीय न्यायप्रणाली में कानूनी सुरक्षा और प्रक्रियात्मक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करता है। होमस्टे मालिक के लिए यह निर्णय एक राहत है, जो कानूनी रूप से निरस्त प्रावधानों के तहत आरोपित थे।