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कर्नाटक में सार्वजनिक वितरण के चावल का तस्करी रैकेट उजागर
कर्नाटक के अधिकारियों ने खाद्य निगम के अनुदानित चावल के बड़े तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें 565 टन चावल जब्त किए गए हैं। अवैध निर्यात के लिए चेन्नई बंदरगाह के माध्यम से अफ्रीका भेजे जा रहे इस अनाज की कीमत 1.34 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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कर्नाटक के कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने खाद्य एवं जनवितरण विभाग के तहत वितरित किए जाने वाले अनुदानित चावल की अवैध तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क उजागर किया है। जांच में पता चला है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए आवंटित अनाज को गैरकानूनी तरीके से चेन्नई बंदरगाह से अफ्रीकी देशों को निर्यात किया जा रहा था।
इस अभियान में अधिकारियों ने कुल 565 टन चावल को जब्त किया है, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 1.34 करोड़ रुपये है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिलते हैं कि यह तस्करी एक सुसंगठित नेटवर्क द्वारा संचालित की जा रही थी जिसमें स्थानीय डीलर, परिवहन कंपनियां और बंदरगाह पर संबंधित लोग शामिल थे।
पीडीएस योजना के तहत अनुदानित अनाज को गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए आवंटित किया जाता है। इस तरह के तस्करी रैकेट सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रभावशीलता को कमजोर करते हैं और लक्षित लाभार्थियों तक सहायता पहुंचने में बाधा डालते हैं।
कर्नाटक प्रशासन ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और इसमें संलिप्त सभी पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। खाद्य निगम और जिला प्रशासन भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाने की योजना बना रहे हैं।