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कर्नाटक निजी अस्पतालों द्वारा शव रोकने के विरुद्ध कानून बनाने पर विचार

कर्नाटक सरकार निजी अस्पतालों को शव सुपुर्द करने के लिए भुगतान की शर्त लगाने से रोकने के लिए नया विधान लाने की तैयारी कर रही है। यह कानून रोगियों के परिवारों को अस्पताल द्वारा लगाए गए वित्तीय दबाव से बचाने का लक्ष्य रखता है।

LSN India · 12 October 2026

कर्नाटक निजी अस्पतालों द्वारा शव रोकने के विरुद्ध कानून बनाने पर विचार

कर्नाटक राज्य सरकार निजी अस्पतालों द्वारा रोगियों के शव रोकने की प्रथा को रोकने के लिए एक विशेष कानून लाने पर विचार कर रही है। वर्तमान में, कई निजी अस्पताल शव को परिवार को सुपुर्द करने से पहले बकाया चिकित्सा बिलों का भुगतान करने की शर्त लगाते हैं, जिससे दुःख में डूबे परिवारों पर गंभीर मानसिक और आर्थिक दबाव पड़ता है।

प्रस्तावित विधेयक चिकित्सा सेवा प्रदान करने वाले निजी संस्थानों को शव के हस्तांतरण को किसी भी वित्तीय शर्त से जोड़ने पर रोक लगाएगा। इस कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवारों को अपने प्रियजन को सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द करने का अधिकार मिले, भले ही अस्पताल का बिल बकाया हो।

इस प्रस्ताव के पीछे कारण यह है कि शव को रोकना न केवल मानवीय गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि परिवारों के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत पीड़ादायक है। भारतीय संस्कृति में मृत्यु के बाद शीघ्र अंतिम संस्कार का विशेष महत्व है।

विधि प्रणाली के तहत, अस्पताल बकाया बिलों के लिए कानूनी मार्ग अपना सकते हैं, किंतु शव को रोकना इस समस्या का समाधान नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार इस कानून के माध्यम से मरीजों के अधिकारों की रक्षा और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।