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कर्नाटक की गर्मियों में बिजली की मांग 21,000 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान
कर्नाटक ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की बिजली की मांग अगले साल गर्मियों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की संभावना है। पिछले वर्षों में लगातार वृद्धि से संकेत मिलता है कि राज्य के विद्युत बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।
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कर्नाटक को आने वाली गर्मियों में विद्युत आपूर्ति की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। ऊर्जा विभाग के डेटा से पता चलता है कि राज्य की बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है। 2025 की गर्मियों में सर्वोच्च मांग 18,650 मेगावाट दर्ज की गई थी, जो राज्य की विद्युत प्रणाली के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुई थी।
हाल के महीनों में यह रुझान और भी तेज हुआ है। सितंबर 2026 में मांग 20,000 मेगावाट के पार चली गई, जो पिछले साल की गर्मी के चरम से काफी अधिक है। इस आधार पर ऊर्जा विभाग का अनुमान है कि अगली गर्मियों में मांग 21,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
राज्य की बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण और जलवायु परिवर्तन के कारण बिजली की खपत में यह निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। एयर कंडीशनिंग और शीतलन उपकरणों का व्यापक उपयोग गर्मियों में मांग को और अधिक बढ़ाता है।
ऊर्जा विभाग और विद्युत वितरण कंपनियों को इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता सुनिश्चित करनी होगी। अन्य राज्यों से विद्युत आयात और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विस्तार इस समस्या का समाधान हो सकते हैं।