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कर्नाटक सरकार ने तुलु को दी अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की सरकार ने तुलु भाषा को राज्य की दूसरी अतिरिक्त आधिकारिक भाषा घोषित किया है। यह निर्णय तटीय कर्नाटक में बसे तुलु समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है।
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कर्नाटक सरकार ने तुलु भाषा को राज्य की अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा प्रदान किया है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय तटीय जिलों में व्यापक रूप से बोली जाने वाली इस भाषा के लिए एक ऐतिहासिक पहचान साबित होगा।
तुलु भाषा को राजकीय मान्यता देने की मांग तुलु समुदाय की ओर से कई दशकों से उठाई जा रही थी। दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जैसे जिलों में तुलु की मजबूत उपस्थिति है, जहां स्थानीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस भाषा को बोलता और समझता है।
अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त करने के बाद तुलु का उपयोग सरकारी कामकाज, शिक्षा और स्थानीय प्रशासन में किया जा सकेगा। यह कदम भाषाई विविधता को संरक्षित करने और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
राज्य सरकार का यह निर्णय तुलु भाषी क्षेत्रों में लोकप्रिय कदम साबित होने की उम्मीद है, क्योंकि यह भाषायी न्याय सुनिश्चित करते हुए क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करता है।