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पूर्व सैनिक को कृषि भूमि देने के आदेश को रद्द करने से कर्नाटक उच्च न्यायालय को खेद

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 2022 के आदेश को निरस्त किया जिसमें एक पूर्व सैनिक को पांच एकड़ कृषि भूमि दी गई थी। न्यायालय ने संशोधित नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आवासीय भूखंड प्रदान किया जाना चाहिए।

LSN India · 3 October 2026

पूर्व सैनिक को कृषि भूमि देने के आदेश को रद्द करने से कर्नाटक उच्च न्यायालय को खेद

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक संवेदनशील फैसले में पूर्व सैनिक वेमन्ना जी को पांच एकड़ कृषि भूमि आवंटित करने के 2022 के आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि यह फैसला उसके लिए भारी मन से आया है, लेकिन संशोधित नियमों के अनुसार पूर्व सैनिकों को कृषि भूमि के बजाय आवासीय भूखंड प्रदान किए जाने चाहिए।

वेमन्ना जी का मामला पूर्व सैनिकों के भूमि आवंटन से जुड़े नियमों की व्याख्या को लेकर उठा था। 2022 में जारी किए गए पहले आदेश में उन्हें कृषि उद्देश्यों के लिए भूमि मिली थी, किंतु सरकार द्वारा लागू किए गए संशोधनों के कारण स्थिति बदल गई।

उच्च न्यायालय के निर्णय में कहा गया कि नीति में किए गए परिवर्तन के अनुसार, पूर्व सैनिकों को आवंटित की जाने वाली भूमि आवासीय प्रकृति की होनी चाहिए, न कि कृषि भूमि। न्यायालय ने माना कि यह निर्णय देश के सेवा निवृत्त सैनिकों के प्रति असंवेदनशील प्रतीत हो सकता है, परंतु संशोधित नियमों के तहत न्यायालय को उसी के अनुरूप निर्देश देने थे।

यह मामला सरकारी नीतियों में किए गए परिवर्तनों और उनके कार्यान्वयन की जटिलताओं को उजागर करता है, विशेषकर जब पूर्व सैनिकों जैसे संवेदनशील वर्गों के हित प्रभावित होते हैं। पूर्व सैनिकों के कल्याण से संबंधित मामलों में न्यायालय की ऐसी कार्रवाइयां भविष्य की नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।