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कर्नाटक हाईकोर्ट ने KPSC और परिवहन विभाग को झूठे प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के लिए लताड़ा

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने KSRTC और BMTC पर कड़ी आलोचना की है जिन्होंने ऐसे भारी वाहनों की मरम्मत का प्रशिक्षण दिए जाने का झूठा प्रमाणपत्र दिया जो वास्तव में मौजूद ही नहीं हैं।

LSN India · 9 October 2026

कर्नाटक हाईकोर्ट ने KPSC और परिवहन विभाग को झूठे प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के लिए लताड़ा

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य लोक सेवा आयोग (KPSC) और परिवहन विभाग की गंभीर आलोचना करते हुए कहा है कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) ने उम्मीदवारों के लिए जारी किए गए प्रमाणपत्र पूरी तरह से झूठे हैं।

न्यायालय के आदेश में पाया गया कि ये प्रमाणपत्र दावा करते हैं कि कुछ आवेदकों को भारी वाहन और यात्री वाहनों की मरम्मत में प्रशिक्षण दिया गया है जो पेट्रोल इंजन से लैस हैं। हालांकि, ऐसे विशिष्ट प्रकार के वाहन वास्तव में मौजूद नहीं हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि सरकारी एजेंसियों ने भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी की है।

यह मामला उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सत्यता के मुद्दों को उजागर करता है। कोर्ट ने इस गंभीर खामी पर संज्ञान लेते हुए KPSC, KSRTC और BMTC से तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा है।

यह निर्णय सार्वजनिक संस्थानों द्वारा जारी किए जाने वाले दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और भविष्य में ऐसी त्रुटियों को रोकने के लिए कठोर निरीक्षण तंत्र की आवश्यकता को दर्शाता है।