Politics · India Bureau
लाल फीताशाही कम करने वाला कानून खुद लाल फीताशाही में फंसा: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक विडंबनापूर्ण स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जहां प्रशासनिक जटिलताओं को दूर करने के लिए बनाया गया कानून स्वयं नौकरशाही की समस्याओं में फंसा हुआ है।
LSN India ·

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक विरोधाभासपूर्ण स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, जहां सरकारी कार्यों को सरल बनाने और लाल फीताशाही को कम करने के उद्देश्य से निर्मित एक कानून स्वयं प्रशासनिक बाधाओं से जूझ रहा है। न्यायालय के अनुसार, यह कानून अपने मूल उद्देश्य को पूरा करने में विफल रहा है और इसके कार्यान्वयन में कई समस्याएं देखी जा रही हैं।
हाईकोर्ट ने बताया कि जनता के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने वाले कानूनी प्रावधान स्वयं नौकरशाही के चक्रव्यूह में फंस गए हैं। विभिन्न सरकारी विभागों में इस कानून के असमान और अपर्याप्त कार्यान्वयन की वजह से नागरिकों को बेमेल परिणाम मिल रहे हैं।
न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया है कि कानून बनाने का मूल उद्देश्य नागरिकों के लिए प्रक्रियाओं को त्वरित और पारदर्शी बनाना था। हालांकि, वर्तमान व्यावहारिक परिस्थितियों में यह कानून ही जटिलताओं का कारण बन गया है।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकारियों से इस मामले पर पुनर्विचार करने और इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की है। न्यायालय का मानना है कि नियमों और प्रक्रियाओं को स्पष्ट करने तथा सभी विभागों में समान रूप से लागू करने की तत्काल आवश्यकता है।