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कर्नाटक हाईकोर्ट ने ₹7,800 करोड़ मामले में ईडी की जब्ती को बरकरार रखा
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने आईटी सेवा कंपनी जेनपैक्ट के हेड ऑफिस की ईडी द्वारा की गई जब्ती को मान्यता दी है। अदालत ने कंपनी को गुड़गांव के कार्यालय से संचालन जारी रखने की अनुमति दी है।
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी जेनपैक्ट के बेंगलुरु स्थित हेड ऑफिस की आर्थिक अपराध प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई जब्ती को कानूनी रूप से वैध घोषित किया। यह निर्णय ₹7,800 करोड़ के एक प्रमुख मामले से संबंधित है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब्ती के बावजूद जेनपैक्ट को अपने गुड़गांव स्थित कार्यालय से व्यावसायिक संचालन जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। यह निर्णय कंपनी के दैनिक कार्यों में बाधा न आने के लिए गया है।
इस बीच, अदालत ने जेनपैक्ट के प्रस्तावित 100 मिलियन डॉलर के गिफ्ट सिटी निवेश से संबंधित एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के अनुरोध पर नए सिरे से निर्णय लेने के लिए निदेशालय को निर्देश दिया है। इससे पहले जेनपैक्ट को अपने निवेश योजना पर फैसले के लिए इंतजार करना पड़ रहा था।
जेनपैक्ट भारत के प्रमुख आईटी सेवा निर्यातकों में से एक है और इसके बेंगलुरु कार्यालय को जब्त करना इस मामले में ईडी के कदमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। अदालत का यह आंशिक राहत का निर्णय कंपनी के संचालन को कुछ हद तक सुगम बनाता है।